मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत हरिऔध कला केंद्र में बुधवार को एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि यह योजना युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला उद्यमी बनाने की महत्वाकांक्षी पहल है।जिलाधिकारी ने बताया कि योजना के तहत 21 से 40 वर्ष आयु वर्ग के पात्र युवाओं को बिना गारंटी और ब्याज के ₹5 लाख तक का ऋण दिया जाता है। उन्होंने कहा कि आजमगढ़ में अब तक 5,000 से अधिक युवाओं को इस योजना के तहत ऋण मिल चुका है, जो पूरे उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक है।उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र युवाओं के ऋण आवेदन पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निस्तारित किए जाएं तथा स्वीकृत ऋण का शीघ्र वितरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही युवाओं से अपील की कि वे ऋण का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए करें, जिसके लिए उसे प्राप्त किया गया है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनने के साथ अन्य लोगों को भी रोजगार दे सकें।कार्यशाला में उपायुक्त उद्योग आशुतोष श्रीवास्तव ने योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और बैंकिंग व्यवस्था की जानकारी दी। विभिन्न बैंकों के अधिकारियों ने भी युवाओं को ऋण प्रक्रिया और उद्यम स्थापना से जुड़ी आवश्यक जानकारियां दीं। कार्यक्रम में उद्योग विभाग के अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में युवा मौजूद रहे।
